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संघर्ष एक गरीब बच्चे का भाग -2




            











संघर्ष एक गरीब बच्चे का भाग -2 





a struggler boy

               




                उसके बाद उस लड़के ने अपने छोटे भाई -बहनो के साथ मिलकर जमींदारों की फसल काटी और इस तरह अपनी इनकम को बढ़ाया | और जैसे -2  वह बड़ा होता गया उसने अपनी मेहनत के बुते घर में आमदनी को और ज्यादा बढ़ाया इसके साथ -2 उसने अपनी पढाई को भी पूरा किया | कक्षा 10 को पास किया और उसके बाद पैसे नहीं होने के कारण  एक साल तक खेती में काम किया |
             

                माँ -बाप ने आगे पढ़ाने से इंकार कर दिया, तब उसने सेना या पुलिस में भर्ती होने का सोचा और इस तरह सोचते -2 एक दिन सेना में भर्ती हो गया | सेना में भर्ती होने के बाद भी घर का बोझ कम नहीं हुआ | बहनो की शादिओं की जिम्मेदारी भी उसकी ही थी क्योंकि वह सबसे बड़ा बच्चा था सेना में छह साल सेवा देने के बाद भी उसके माँ -बाप उसकी शादी की कोई बात नहीं करते थे तब एकदिन उस लड़GHAके ने अपनी शादी के लिए कहा क्योंकि उसकी उम्र उस समय 25 साल हो चुकी थी  और फिर एकदिन उसने माँ - बाप की रजामंदी के साथ शादी करली |       
         

               दहेज़ में सामान न मिलने के कारन उसकी अपनी माँ बहुत नाराज थी और बहु को बहुत तंग करने लगी |  इस बीच कई बार माँ के साथ कहा -सुनी भी हुई क्योंकि घर में पैसे तो आने लगे थे परन्तु वह खर्च कान्हा हो रहे थे ये सिर्फ उसकी माँ को पता थी  घर के नाम पर एक मिटी का बना हुआ मकान और उसमे रहने वाले 11 बच्चे, जिंदगी एक कीड़े की तरह चल रही थी | 



                                                                                                                                                     क्रमश 


                                                                                                                                                 


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