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उपहार द्वारा दूसरों का सम्मान


उपहार द्वारा दूसरों का सम्मान 

    


     एक शहर में एक अमीर परिवार रहता था उनके घर एक बाई काम करने के लिए आती थी | जिस घर में वह काम करने आती थी उनका एक लड़का था वह कक्षा पांच में पढता था उसका नाम आर्यन था | स्कूल की छूटी के बाद आर्यन अपनी काम वाली ऑन्टी मीरा के लड़के भोला के साथ खेलता था | भोला भी आर्यन के स्कूल में ही पढ़ता था |    
    

                  कल भोला का जन्मदिन है यही सोचकर निशा ने आर्यन के पैक पड़े गिफ्ट से एक गिफ्ट निकाला ही  था तबतक वंहा पर आर्यन आ गया और अपनी माँ से कहने लगा, " मम्मा, आप मेरे पुराने  खिलौने भोला को दोगी |"  तब उसकी माँ ने कहा,  "नहीं ये पुराने नहीं हैं ये सबके सब नए हैं और इनमें से ही भोला को एक गिफ्ट दूँगी |  आर्यन ने अपनी माँ से कहा आप मेरे सारे खिलौने ऐसे ही बाँट देंगी |  माँ ने आर्यन को समझाया कि भोला आपके साथ खेलता है और फिर वह आपका मित्र भी है और ये खिलौने अब आपके काम के नहीं रहे |  आर्यन मान गया और अपनी माँ से कहा मगर इसबार गिफ्ट वो ही देगा |  निशा ने उसकी बात मानली |  आर्यन ने स्कूल की छुटी के बाद सुपर बाजार जा कर भोला के लिए बादाम लिए और उनको अच्छे से पैक करवाया|  शाम को भोला को अपनी माँ के सामने गिफ्ट दिया |  निशा ने कहा भोला जरा अपनी गिफ्ट तो खोलकर दिखाओ हम भी देखें आपके दोस्त ने क्या गिफ्ट दी |  

             जैसे ही भोला ने पैकेट को खोला उसे देखते ही निशा अचंभित हो गयी | आर्यन से पूछा आपके पास इतने पैसे कँहा से आए |  आर्यन ने कहा मैंने अपने गुलक से निकाले हैं और अपनी माँ से कहा की आप ही कहती हैं कि मैं पढ़ता हूँ इसलिए मुझे बादाम खाने चाहिये |  भोला भी तो पढ़ता है उसे भी  तो बादाम खाने चाहिए  | आर्यन ने अपनी माँ को एक तरफ बुलाकर उसके कान में कहा, "माँ कल जब मैं खेल रहा था तब मीरा आंटी और भोला सुपर बाजार से कुछ सामान लेने गए थे भोला ने मीरा आंटी से कहा, "माँ मुझे एक चॉकलेट दिलवा दो |  मीरा आंटी ने भोला को एक चांटा मारा और कहा कि वह सीधा घर चले मेरे पास आपको चॉकलेट दिलाने के लिए पैसे नहीं हैं | 

             अब आप ही सोचो जिनके पास चॉकलेट खरीदने  के लिए पैसे नहीं हैं वह बादाम कंहा से खायेंगे |  निशा को अपने बेटे आर्यन पर बहुत गर्व हो रहा था आज उसे अपना आर्यन अपने से बड़ा लग रहा था | 



































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